क्रिकेट की दुनिया में पिछले कुछ घंटे बेहद रोमांचक और ऐतिहासिक रहे। एक तरफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अफगानिस्तान ने टी20 विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया जैसी महाशक्ति को हराकर बड़ा उलटफेर किया, वहीं दूसरी ओर भारतीय घरेलू क्रिकेट में सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के फाइनल में झारखंड के बल्लेबाजों ने रनों की बरसात करते हुए हरियाणा को पस्त कर खिताब अपने नाम कर लिया। इन दोनों मुकाबलों ने क्रिकेट प्रेमियों की धड़कनें बढ़ा दीं।
अफगानिस्तान का ऐतिहासिक पलटवार
टी20 विश्व कप 2024 के सुपर-8 मुकाबले में अफगानिस्तान ने वह कर दिखाया, जिसका सपना उनकी टीम लंबे समय से देख रही थी। किंग्सटाउन के मैदान पर खेले गए इस अहम मुकाबले में राशिद खान की अगुआई वाली टीम ने ऑस्ट्रेलिया को 21 रनों से हराकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनके खिलाफ अपनी पहली जीत दर्ज की। टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का ऑस्ट्रेलियाई कप्तान मिचेल मार्श का फैसला उस वक्त गलत साबित हुआ जब अफगानी सलामी बल्लेबाजों ने मोर्चा संभाल लिया। रहमनुल्लाह गुरबाज ने 60 और इब्राहिम जादरान ने 51 रनों की शानदार पारियां खेलते हुए टीम को 20 ओवरों में 148 रनों के सम्मानजनक स्कोर तक पहुँचाया।
गुलबदीन नईब ने तोड़ा मैक्सवेल का तिलिस्म
लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम की शुरुआत बेहद खराब रही। एक समय 32 रन पर तीन विकेट गंवाने के बाद कंगारू टीम संकट में थी, लेकिन तभी ग्लेन मैक्सवेल ने मार्कस स्टोइनिस के साथ पारी को संभालने की कोशिश की। मैक्सवेल जब अपने रंग में दिखे और उन्होंने अपना अर्धशतक पूरा किया, तो प्रशंसकों को 2023 वनडे विश्व कप की यादें ताज़ा हो गईं, जहाँ उन्होंने अकेले दम पर अफगानिस्तान से जीत छीन ली थी। ऐसा लग रहा था कि इतिहास खुद को दोहराएगा, लेकिन इस बार ‘मैन ऑफ द मैच’ गुलबदीन नईब ने बाजी पलट दी। नईब ने 4 विकेट झटकते हुए न केवल स्टोइनिस को पवेलियन भेजा, बल्कि मैक्सवेल को आउट कर ऑस्ट्रेलिया की उम्मीदों पर पूरी तरह पानी फेर दिया। पूरी ऑस्ट्रेलियाई टीम 19.2 ओवर में 127 रनों पर ढेर हो गई। इस जीत के साथ ही ग्रुप-1 में सेमीफाइनल की दौड़ बेहद दिलचस्प हो गई है।
घरेलू मैदान पर झारखंड का दबदबा
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के इस रोमांच के बीच, भारतीय घरेलू क्रिकेट में सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2025 का फाइनल मुकाबला भी कम दिलचस्प नहीं रहा। झारखंड ने अपनी बल्लेबाजी की ताकत दिखाते हुए हरियाणा के सामने 262 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। इस विशाल स्कोर की नींव कप्तान ईशान किशन और कुमार कुशाग्र के बीच हुई 177 रनों की रिकॉर्ड साझेदारी ने रखी। ईशान किशन ने कप्तानी पारी खेलते हुए शानदार शतक जड़ा, जिसने हरियाणा के गेंदबाजों के हौसले पस्त कर दिए।
अनुकूल रॉय की फिरकी ने पलटा मैच
पहाड़ जैसे लक्ष्य का पीछा करते हुए हरियाणा की शुरुआत लड़खड़ा गई और पहले ही ओवर में दो विकेट गिर गए। हालाँकि, यशवर्धन दलाल और निशांत सिंधु ने जवाबी हमला बोलते हुए तेजी से रन बटोरे और मैच में रोमांच पैदा करने की कोशिश की। दलाल ने महज 19 गेंदों में अर्धशतक ठोक दिया। लेकिन झारखंड के अनुकूल रॉय ने इस प्रतिरोध को ज्यादा देर टिकने नहीं दिया। उन्होंने महज तीन गेंदों के भीतर दोनों सेट बल्लेबाजों को आउट कर मैच का रुख पूरी तरह झारखंड की तरफ मोड़ दिया। अंत में झारखंड ने यह मुकाबला आसानी से जीत लिया।
जश्न में डूबी झारखंड की टीम
जीत के बाद का माहौल बेहद उत्सवपूर्ण था। ट्रॉफी हाथ में आते ही ईशान किशन और पूरी टीम खुशी से झूम उठी। झारखंड क्रिकेट के दिग्गज सौरभ तिवारी और शाहबाज नदीम भी इस जश्न में शामिल हुए। ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ बने अनुकूल रॉय ने अपनी सफलता का श्रेय अपनी बल्लेबाजी पर किए गए काम और टीम के सहयोग को दिया। वहीं, विपक्षी कप्तान अंकित कुमार ने माना कि ईशान और कुशाग्र की बल्लेबाजी ने उन्हें वापसी का कोई मौका नहीं दिया। यह जीत झारखंड क्रिकेट के सुनहरे भविष्य की ओर इशारा करती है।
