वैश्विक बाजार में आई भारी उथल-पुथल का सीधा असर भारतीय सराफा बाजार पर देखने को मिल रहा है। चांदी की कीमतों में एक बार फिर बड़ी गिरावट दर्ज की गई है, जिसने पिछले दो दिनों की मामूली रिकवरी को पूरी तरह से मिटा दिया है। ऐतिहासिक तेजी के बाद अब यह सफेद धातु संभलने के लिए संघर्ष करती नजर आ रही है।
वैश्विक बाजार में कोहराम
गुरुवार को एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान स्पॉट सिल्वर में 20% तक की भारी गिरावट देखी गई और यह 71 डॉलर प्रति औंस के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे लुढ़क गई। पिछले हफ्ते अपने सर्वकालिक उच्च स्तर (All-time high) को छूने के बाद से चांदी में एक तिहाई से ज्यादा की कमी आ चुकी है। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अस्थिरता (volatility) के ऐसे खतरनाक स्तर 1980 के बाद से नहीं देखे गए हैं।
‘मेटल्स डेली’ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रॉस नॉर्मन के मुताबिक, विशेष रूप से चीन में सट्टेबाजी (speculation) ने बुलियन बाजार की मूल्य निर्धारण प्रक्रिया को बुरी तरह प्रभावित किया है। पिछले एक महीने में चीनी सट्टेबाजों और बड़े इक्विटी फंड्स ने तांबे से लेकर चांदी तक की कीमतों को रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचा दिया था, लेकिन अब यह गुब्बारा फूटता दिख रहा है। सोने और तांबे की कीमतों में भी भारी दबाव है; स्पॉट गोल्ड में 4.1% और तांबे में 2% तक की गिरावट दर्ज की गई है।
भारत में आज चांदी के भाव
इस वैश्विक गिरावट का असर घरेलू बाजार में साफ है। आज भारत में चांदी के दाम 244.9 रुपये प्रति ग्राम हैं, जिसमें 9.4 रुपये (-3.70%) की गिरावट आई है। यदि आप थोक या बड़ी मात्रा में खरीदारी का विचार कर रहे हैं, तो 1 किलोग्राम चांदी की कीमत आज 2,44,900 रुपये है, जो कल के मुकाबले 9,400 रुपये सस्ती है।
देश के प्रमुख महानगरों में 10 ग्राम चांदी के खुदरा भाव इस प्रकार हैं:
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बैंगलोर, दिल्ली और मुंबई: ₹2,750
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चेन्नई और हैदराबाद: ₹2,800
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नोट: ये दाम स्थानीय टैक्स और ज्वैलर्स के हिसाब से थोड़े भिन्न हो सकते हैं।
कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव
पिछले 15 दिनों के आंकड़ों पर नजर डालें तो बाजार की अस्थिरता स्पष्ट हो जाती है। जहां 29 जनवरी 2026 को चांदी की कीमत 3,800 रुपये (प्रति 10 ग्राम) के उच्च स्तर पर थी, वहीं 5 फरवरी 2026 को यह गिरकर 2,543 रुपये पर आ गई। कीमतों में यह दैनिक परिवर्तन निवेशकों के लिए जोखिम और अवसर दोनों लेकर आया है।
निवेश और शुद्धता की समझ
सोने के मुकाबले किफायती होने के कारण चांदी को निवेश का एक बेहतरीन विकल्प और उपहार देने का आदर्श माध्यम माना जाता है। हालांकि, खरीदारी करते समय सतर्कता बरतना अनिवार्य है।
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हॉलमार्किंग (BIS): ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स (BIS) ने चांदी की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए हॉलमार्क (IS 2112:2014) तय किए हैं। धोखाधड़ी से बचने के लिए ज्वैलरी या सिक्के खरीदते समय BIS मार्क और ज्वैलर का पहचान निशान जरूर देखें।
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प्योरिटी ग्रेड्स: निवेश के लिए सबसे उत्तम 999 (99.9%) ग्रेड की चांदी होती है, जिसे ‘फाइन सिल्वर’ भी कहा जाता है। यह सिक्कों और बार के रूप में मिलती है। वहीं, आभूषणों और कलाकृतियों के लिए 925 (स्टर्लिंग सिल्वर) का उपयोग होता है, जिसमें 92.5% चांदी होती है। इससे नीचे 900, 835 और 800 ग्रेड की चांदी का इस्तेमाल कटलरी या अन्य बर्तनों में किया जाता है क्योंकि अन्य धातुओं की मिलावट इसे मजबूती देती है।
खरीदारी गाइड
बाजार में चांदी के सिक्के और बार 10 ग्राम से लेकर 1 किलोग्राम तक के वजन में आसानी से उपलब्ध हैं। आप 58 ग्राम और 116 ग्राम के ‘तोला’ वजन में भी खरीदारी कर सकते हैं। इसके अलावा सजावटी आइटम जैसे मूर्तियां, प्लेट और डिनर सेट भी निवेश का हिस्सा हो सकते हैं।
गहने खरीदते समय ध्यान रखें कि ज्वैलर्स धातु की कीमत के अलावा ‘मेकिंग चार्ज’ भी लेते हैं, जो कारीगरी की जटिलता पर निर्भर करता है। साथ ही, लागू जीएसटी अंतिम कीमत को बढ़ा देता है। इसलिए, खरीदारी को अंतिम रूप देने से पहले ज्वैलर से बाय-बैक पॉलिसी (वापस खरीदने की शर्तों) और कुल कीमत पर स्पष्ट बात कर लेना समझदारी होगी।
