आजकल इंटरनेट पर समय बिताना कभी-कभी दिमागी तौर पर थका देने वाला हो सकता है। हर वक्त कोई न कोई आपकी अटेंशन और डेटा के पीछे पड़ा है—कुकीज़, ट्रैकर्स, टार्गेटेड ऐड्स, न्यूज़लेटर पॉपअप्स, लोकेशन मॉनिटरिंग और बैकग्राउंड में चुपचाप आपकी जानकारी इकट्ठा करने वाले तमाम खतरे। इस बदलते माहौल में पारंपरिक एंटीवायरस का कॉन्सेप्ट अब काफी आउटडेटेड हो चुका है। अब खतरे सिर्फ किसी गलत फाइल को डाउनलोड करने तक सीमित नहीं हैं; आज के समय में फिशिंग, नकली ऑनलाइन स्टोर्स, स्कैम मैसेज और आइडेंटिटी थेफ्ट जैसी चीजें सीधे तौर पर चुराए गए पासवर्ड्स और सोशल इंजीनियरिंग के सहारे चल रही हैं।
इसी खतरे को भांपते हुए NordVPN ने अपने वीपीएन और एंटीवायरस प्रोटेक्शन को मिलाकर एक ही ऐप में पेश करने का फैसला किया है। अब यह सिर्फ आम लोगों के लिए एक बेहतरीन वीपीएन नहीं रहा, बल्कि खुद को प्राइवेसी-फोकस्ड “ऑल-इन-वन डिजिटल सिक्योरिटी ऐप” के तौर पर स्थापित कर रहा है। कंपनी ने अपने ‘Threat Protection Pro’ को एक नया रूप दिया है, जिसे अब “नेक्स्ट-जेनरेशन एंटीवायरस” कहा जा रहा है। इसका सीधा सा फंडा है: खतरे को आपके डिवाइस तक पहुँचने से पहले ही रास्ते में खत्म कर देना, न कि वायरस के आने के बाद उसे स्कैन करके हटाने का इंतज़ार करना।
नॉर्डवीपीएन की यह नई रणनीति तीन मुख्य पिलर्स पर काम करती है—कनेक्ट (वीपीएन), प्रोटेक्ट (एंटीवायरस), और मॉनिटर (डार्क वेब मॉनिटरिंग जैसे अन्य फीचर्स)। कंपनी के सीटीओ मारिजस ब्रिडिस का स्पष्ट मानना है कि आज के दौर में सुरक्षा के तरीकों को बदलना जरूरी है ताकि लोग उन असली खतरों से बच सकें जिनका वे रोज़ाना सामना करते हैं। ब्रिडिस के मुताबिक, यूज़र्स अब ऐसी डिजिटल सुरक्षा चाहते हैं जिसमें झंझट कम हो, सुरक्षा ज्यादा मजबूत हो और अलग-अलग टूल्स को इंस्टॉल या मैनेज करने का सिरदर्द न पालना पड़े।
अगर हम उनके प्लान्स पर नजर डालें, तो Threat Protection Pro फिलहाल NordPass (उनके पासवर्ड मैनेजर) के साथ Plus और उससे ऊपर के प्लान्स में शामिल है। जबकि बेसिक डार्क वेब मॉनिटरिंग और Threat Protection Lite सभी प्लान्स का हिस्सा हैं। अगर आप उनका Complete प्लान लेते हैं, तो आपको डार्क वेब मॉनिटर प्रो, स्कैम कॉल प्रोटेक्शन और एन्क्रिप्टेड क्लाउड स्टोरेज भी मिलता है। वहीं उनका सबसे प्रीमियम ‘Prime’ प्लान इन सबके साथ ‘कवरॉन’ (Coveron – जिसे पहले NordProtect कहा जाता था) के जरिए आइडेंटिटी थेफ्ट प्रोटेक्शन की सुविधा भी देता है।
लेकिन क्या हर किसी को इस भारी-भरकम ‘ऑल-इन-वन’ इकोसिस्टम की जरूरत है? शायद नहीं। अगर आप बस अपनी रोज़मर्रा की ब्राउज़िंग में थोड़ी प्राइवेसी वापस चाहते हैं और इस डेटा-चूसने वाले जाल से खुद को बचाना चाहते हैं, तो AdGuard VPN एक बेहद सीधा और असरदार विकल्प साबित होता है। फिलहाल, एक लिमिटेड टाइम डील के तहत, आप $359.40 की रेगुलर कीमत वाला इनका पाँच साल का सब्सक्रिप्शन सिर्फ $34.97 में ले सकते हैं।
एडगार्ड वीपीएन की सबसे बड़ी खासियत इसका अपना कस्टम वीपीएन प्रोटोकॉल है। इसे कुछ इस तरह डिज़ाइन किया गया है कि आपकी ब्राउज़िंग और स्ट्रीमिंग की स्पीड तेज़ बनी रहे और आपका डेटा भी पूरी तरह सुरक्षित रहे। प्राइवेसी को लेकर इनकी पॉलिसी बिल्कुल साफ है—यह एक ‘जीरो-लॉगिंग’ सर्विस है, जिसका मतलब है कि कंपनी आपका कोई भी ब्राउज़िंग डेटा या पर्सनल ट्रैफिक अपने पास सेव नहीं रखती।
इसके सर्वर दुनिया भर में 70 से ज्यादा लोकेशन्स पर मौजूद हैं, जिससे अलग-अलग रीज़न के सर्वर से कनेक्ट करना और जियो-रेस्ट्रिक्टेड कंटेंट (जो शायद आपके देश में ब्लॉक हो) को एक्सेस करना काफी आसान हो जाता है। एक सिंगल सब्सक्रिप्शन के साथ आप इसे एक साथ 10 डिवाइसेस पर चला सकते हैं, चाहे वह iOS हो, Android, Windows, macOS या फिर गूगल क्रोम का ब्राउज़र एक्सटेंशन। इसमें आपको अनलिमिटेड बैंडविड्थ भी मिलती है। तो अगर आप उन लोगों में से हैं जो अपना काफी समय कॉफी शॉप्स, एयरपोर्ट या होटल के पब्लिक वाई-फाई पर बिताते हैं, या फिर जमकर स्ट्रीमिंग और डाउनलोडिंग करते हैं, तो बिना ज्यादा पैसे खर्च किए अपनी डिजिटल प्राइवेसी को अपने हाथ में रखने का यह एक बेहतरीन तरीका है।
