महिला क्रिकेट: दक्षिण अफ्रीका ने रचा इतिहास, भारतीय टीम के सामने अब ऑस्ट्रेलिया की कड़ी चुनौती और विश्व कप का दबाव

महिला क्रिकेट जगत में रोमांच अपने चरम पर है। आईसीसी महिला विश्व कप 2025 के पहले सेमीफाइनल में दक्षिण अफ्रीका ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल का टिकट कटा लिया है। दूसरी ओर, भारतीय टीम अपनी अगली बड़ी परीक्षा और आगामी टी20 विश्व कप की तैयारियों के बीच है, जहां पूर्व दिग्गजों ने टीम को मानसिक दृढ़ता बनाए रखने की सलाह दी है।

पुराने जख्मों पर मरहम और दक्षिण अफ्रीका का ‘फाइनल’ वार

इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेला गया पहला सेमीफाइनल किसी ब्लॉकबस्टर फिल्म से कम नहीं रहा। दक्षिण अफ्रीका ने अपने पिछले प्रदर्शन, जहां वे इसी मैदान पर इंग्लैंड के खिलाफ महज 69 रन पर ढेर हो गए थे, की कड़वी यादों को भुलाते हुए शानदार वापसी की। कप्तान लौरा वोल्वार्ड्ट ने स्वीकार किया कि उस पुरानी हार की यादें जेहन में थीं, लेकिन टीम ने इसे अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया।

इस जीत की असली नायक रहीं मारिजेन कैप, जिन्होंने न केवल बल्ले से योगदान दिया बल्कि गेंदबाजी में पांच विकेट झटककर इंग्लैंड की कमर तोड़ दी। इंग्लैंड की कप्तान नेट साइवर-ब्रंट ने भी माना कि दक्षिण अफ्रीका ने खेल के हर विभाग में उनसे बेहतर प्रदर्शन किया। अब दक्षिण अफ्रीका की नजरें दूसरे सेमीफाइनल पर टिकी हैं, जहां मेजबान भारत का मुकाबला शक्तिशाली ऑस्ट्रेलिया से नवी मुंबई में होने जा रहा है।

दबाव में न बिखरने की सलाह: डायना एडुल्जी का मंत्र

जैसे-जैसे टूर्नामेंट अपने निर्णायक मोड़ पर पहुंच रहा है और टी20 विश्व कप का काउंटडाउन भी शुरू हो चुका है, भारतीय टीम पर उम्मीदों का भारी बोझ है। पूर्व भारतीय कप्तान डायना एडुल्जी ने कप्तान हरमनप्रीत कौर और उनकी सेना को स्पष्ट संदेश दिया है कि बड़े टूर्नामेंट जीतने के लिए संयम सबसे बड़ा हथियार है।

वानखेड़े स्टेडियम में एक कार्यक्रम के दौरान एडुल्जी ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया जैसी पेशेवर टीम के खिलाफ खेलते समय यह मानकर चलना होगा कि हम जीतने के लिए ही मैदान में उतरे हैं। उन्होंने एशिया कप के फाइनल का उदाहरण देते हुए समझाया कि कैसे एक खिलाड़ी अपने दम पर मैच का पासा पलट सकता है, लेकिन इसके लिए दबाव की परिस्थितियों में धैर्य नहीं खोना चाहिए।

कप्तानी और भावनाओं पर काबू

पूर्व कप्तान ने विशेष रूप से हरमनप्रीत कौर को अपनी भावनाओं पर नियंत्रण रखने की सलाह दी है। उनका मानना है कि हरमनप्रीत एक बेहतरीन खिलाड़ी हैं जो अकेले दम पर मैच जिता सकती हैं, लेकिन नेतृत्व करते समय उन्हें मैदान पर अपनी भावनाओं को काबू में रखना होगा। टीम इंडिया अक्सर मैच के अंतिम क्षणों में जीत के करीब पहुंचकर भी चूक जाती है, जैसा कि श्रीलंका के खिलाफ एशिया कप फाइनल में देखा गया था। एडुल्जी के अनुसार, टीम को खेल पर अपनी पकड़ मजबूत करते हुए विरोधी को हावी होने का कोई मौका नहीं देना चाहिए।

टी20 विश्व कप और खिताबी सूखे को खत्म करने की चुनौती

इन नॉकआउट मुकाबलों के अलावा, भारतीय टीम का ध्यान संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में तीन अक्टूबर से शुरू होने वाले टी20 विश्व कप पर भी है। टूर्नामेंट के लिए टीमों को दो ग्रुप में बांटा गया है, जहां भारत ग्रुप ए में ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, पाकिस्तान और श्रीलंका के साथ है। वहीं ग्रुप बी में दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड, वेस्टइंडीज, बांग्लादेश और स्कॉटलैंड शामिल हैं।

भारतीय महिला टीम के पास अब तक कोई आईसीसी ट्रॉफी नहीं है। साल 2020 में टीम विश्व कप जीतने के बेहद करीब थी, लेकिन फाइनल में ऑस्ट्रेलिया से हार का सामना करना पड़ा था। उस मैच में एलिसा हीली की तूफानी पारी ने भारत से जीत छीन ली थी। इस साल हरमनप्रीत कौर की अगुआई वाली टीम शानदार फॉर्म में है और प्रशंसक उम्मीद कर रहे हैं कि चाहे वह मौजूदा टूर्नामेंट हो या आने वाला टी20 विश्व कप, भारतीय बेटियां इस बार आईसीसी ट्रॉफी के सूखे को खत्म करने में जरूर कामयाब होंगी।

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