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प्रेग्नेंसी में यह मामूली गलतियां भी खतरनाक साबित हो सकती है, प्रिमैच्युर डिलीवरी का रहता है खतरा, जानिए इसके उपाय विस्तार से

प्रेग्नेंसी में यह मामूली गलतियां भी खतरनाक साबित हो सकती है, प्रिमैच्युर डिलीवरी का रहता है खतरा, जानिए इसके उपाय विस्तार से

स्वास्थ्य: गर्भावस्था के दौरान होने वाले हार्मोनल बदलाव से महिलाओं को कई तरह की परेशानियां होती हैं। तनाव भी इसी समस्या का हिस्सा है। लेकिन कुछ महिलाओं को बहुत ज्यादा सोचने और तनाव लेने की आदत होती है।

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ऐसे में महिलाएं खुद ही अपनी परेशानी बढ़ा देती हैं। इससे गर्भवती महिलाओं को भी हाई बीपी होने का खतरा रहता है। हाई बीपी अक्सर बच्चे के लिए ज्यादा हानिकारक होता है। यह स्थिति अक्सर प्री-मैच्योर डिलीवरी या गर्भपात का खतरा बढ़ा देती है।

साथ ही यह बच्चे के विकास पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। बच्चे का मानसिक विकास बाधित होता है। इससे फेफड़ों की समस्या होने का खतरा भी बढ़ जाता है। इसलिए गर्भावस्था के दौरान तनाव नहीं लेना चाहिए। यदि आप भी अत्यधिक तनाव का अनुभव कर रहे हैं तो इस तरह आप इसे संभाल सकते हैं।

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गर्भावस्था में तनाव से बचने के उपाय:

मेडिटेशन करने से आपका दिमाग शांत रहता है। और अस्थिरता कम हो जाती है। इसलिए किसी भी शांत स्थान पर नियमित रूप से सुबह और शाम ध्यान करना चाहिए।

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हर किसी को एक शौक की जरूरत होती है। शादी के बाद जिम्मेदारियां बढ़ जाती हैं इसलिए महिलाएं भी अपने शौक भूल जाती हैं। गर्भावस्था का यह समय उस शौक को पूरा करने का होता है।

इस दौरान आप अपने पसंदीदा काम जैसे गायन, पेंटिंग, लेखन आदि कर सकते हैं। जिससे आप फ्रेश फील करेंगे और आपके अंदर की नेगेटिविटी भी दूर हो जाएगी।

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कभी-कभी घर में कुछ चीजें बहुत चिंताजनक होती हैं। खासतौर पर महिलाएं इन सब बातों को ध्यान में रखकर बैठती हैं। और बस इसके बारे में सोच में पड़ी रहती है।

यह तनाव को भी बढ़ा सकता है। जिस पर आप सबसे ज्यादा भरोसा करते हैं, उसे अपने मन की बात कहने दें। इससे आपका भार हल्का होगा और आपका तनाव कम होगा।

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अगर आपको पढ़ने में मजा आता है, तो यह अच्छी बात है। जैसे-जैसे आप इस शौक को बढ़ाएंगे तो यह आपके दिमाग को बेकार की बातों से दूर रखेगा। वहीं आपके बच्चे का मानसिक विकास भी बेहतर होगा।

 तमाम शोधों के मुताबिक किताबें पढ़ने से बच्चे का आईक्यू लेवल बेहतर होता है। लेकिन साथ ही आप उन्हीं किताबों को पढ़ें जो सकारात्मकता दे सकें। आप कोई धार्मिक ग्रंथ भी पढ़ सकते हैं।

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