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चीन नही आएगा बाझ, कर रहा है ‘इस’ हमले की तैयारी, अगर हुआ सफल तो भारत का होगा खरबों का नुकसान

चीन नही आएगा बाझ, कर रहा है ‘इस’ हमले की तैयारी, अगर हुआ सफल तो भारत का होगा खरबों का नुकसान

नई दिल्ली: जैसे जैसे टेक्नोलॉजी विकसित हो रही है। वैसे वैसे युद्ध करने की नीति और तरीक़े भी बदल रहे है। भारत-चीन में अक्सर कूछ न कुछ गरमा गरमी होती है। अब खबर है कि चीन भारत पर साइबर हमले की तैयारी कर रहा है। जी हाँ आपने बिल्कुल सही सुना। अगर चीन ऐसा करने में सफल होता है, तो भारत की तबाही निश्चित है।

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भारतीय वायु सेना के प्रमुख एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी ने स्पष्ट किया कि भारतीय सेना को भविष्य की लड़ाइयों के लिए बहुत जल्दी तैयारी करनी होगी। भविष्य की लड़ाइयों में दुश्मन की पहचान नहीं की जा सकेगी।  क्योंकि एक कमरे बैठा व्यक्ति पूरी सेना से अकेले लड़ सकता है ओर पूरे देश को तबाह कर सकता है।

एयर चीफ मार्शल चौधरी ने कहा, “हमें लड़ाई के पुराने तरीके को बदलना होगा।”हमें नए तरीकों से सोचना होगा और नए हथियार तलाशने होंगे। दुनिया एक नेटवर्क से जुड़ी हुई है और एक भी साइबर हमला हमारे आर्क को बेकार कर सकता है। अगली लड़ाई में यह पता नहीं चलता कि हम पर किसने हमला किया और कौन हमारा दुश्मन। भविष्य में कम्यूटर वायरस से लेकर अल्ट्रासोनिक मिसाइल और सैन्य झड़पों से लेकर ब्लैक आउट सूचनाओं तक के नए हथियार होंगे।

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उन्होंने कहा कि साइबर हमलों से हथियारों के सभी सिस्टम बेकार हो सकते हैंउन्होंने आगे कहा कि भारतीय सेना अब सूचना साझा करने और कम से कम समय में रणनीति बनाने के लिए कम्यूटर नेटवर्क पर आधारित सिस्टम का उपयोग करती है। जहां इस प्रकार का नेटवर्क अच्छे से काम करने का अवसर प्रदान करता है। तो वहीं दूसरी तरफ ये साइबर अटैक भी सबसे आसान शिकार होते हैं।

नए हथियार पूरी तरह  IT पर आधारित हैं और संचार की एक बहुत ही परिष्कृत प्रणाली का उपयोग करते हैं। ये सभी साइबर अटैक के निशाने पर हैं। साइबर हमले सिस्टम को स्लो बना सकते हैं या उन्हें उनके काम में इंटरफेर कर सकते हैं।

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साइबर युद्ध की सबसे बड़ी तैयारी
चीन ने 21वीं सदी की शुरुआत में साइबर युद्ध की सबसे बड़ी तैयारी शुरू की थी। चीन ने अपने वन मिलियन लैपटॉप वॉरियर की घोषणा की और तैयारी शुरू कर दी। दुनिया में ज्यादातर कम्यूटर हार्डवेयर चीन में बना है, जिसने चीन को साइबर युद्ध में आगे बढ़ने का मौका दिया है।

इस वजह से अगर चीन सफल होता है तो भारत समेत दुनिया भर के सभी देशों के लिए खतरा निर्माण होगा। क्योंकि साइबर हमले से न सिर्फ हथियार बल्कि बैंक, लोगों के फोन आदि हैक किए जा सकते है।

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