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अब ‘बाइडेन’ ही है सहारा, बढ़ते ईंधन दरों को लगाम लगाने के लिए उठाएंगे ‘यह’ कदम, जानिए विस्तार से 

अब ‘बाइडेन’ ही है सहारा, बढ़ते ईंधन दरों को लगाम लगाने के लिए उठाएंगे ‘यह’ कदम, जानिए विस्तार से

नई दिल्ली: भारत समेत दुनियाभर में बढ़ते ईंधन दरों ने सबको परेशान कर रखा है। लगातार बढ़ती कीमत की एक मुख्य वजह है रशिया-यूक्रेन का युद्ध। हालाँकि इन बढ़ती कीमतों को लगाम लगाना जरुरी है, वरना यह एक बहोत बड़ी समस्या बन सकती है।

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रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है । ऐसे में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन देश के पेट्रोलियम भंडार से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल छोड़ने की बात सामने आई है। इससे कच्चे तेल की बढ़ती कीमत पर लगाम लगाने की कोशिश की जाएगी. 

ब्लूमबर्ग न्यूज के मुताबिक, जो बाइडेन की सरकार ने यूएस स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व से रोजाना 10 लाख बैरल कच्चा तेल डिस्ट्रीब्यूट करने का मन बना लिया है। व्हाइट हाउस अंतिम फैसला लेने की उम्मीद है। 

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यूक्रेन पर रूस के आक्रमण के बाद संयुक्त राज्य अमेरिका और उसके सहयोगियों ने रूस पर कई आर्थिक प्रतिबंध लगाए हैं। नतीजतन, विश्व कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की कीमतों में वृद्धि शुरू हो गई है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों को निर्धारित करने में रूस की प्रमुख भूमिका है।

पेट्रोल की बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने के लिए बाइडेन सरकार अपनी पूरी योजना की घोषणा कर सकती है। सामरिक भंडार से प्रतिदिन 10 लाख बैरल कच्चा तेल डिस्ट्रीब्यूट करने की योजना कब तक चलेगी, इसे लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। लेकिन मामले से जुड़े सूत्रों का कहना है कि यह कई महीनों तक जारी रह सकता है।

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भारत में राहत नहीं 

हालाँकि, भारत को राहत नहीं है। माना जा रहा है कि, अगले कुछ दिनों में ईंधन की कीमते और बढ़ने वाली है। जिससे आम आदमी को और परेशानियां झेलनी पड़ेगी।

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