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रूस के निशाने पर अब जुकरबर्ग की कंपनी Meta; इंस्टाग्राम बैन, जानिये पुरा मामला

नई दिल्ली :

रूस के राज्य मीडिया वॉचडॉग रोसकोम्नाडज़ोर ने कहा कि रूसी सैनिकों के खिलाफ “हिंसा के आह्वान” की अनुमति देने की वजह से देश में इंस्टाग्राम को बंद कर दिया जाएगा। बता दें इंस्टाग्राम की मूल कंपनी मेटा ने कहा था कि वह कुछ देशों में अपने यूजर्स को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और रूसी सैनिकों के खिलाफ हिंसा का आह्वान करने की अनुमति देगा।

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ये बैन 14 मार्च से प्रभावी हो जाएगा. साथ ही मार्क जुकरबर्ग की कंपनी मेटा (Meta) को ‘चरमपंथी संगठन’ घोषित कर दिया है। रूस द्वारा ये कदम ऐसे समय पर उठाया गया है, जब मेटा ने ऐलान किया था कि वह वर्तमान में मौजूद नियमों को खत्म कर रही है। इस तरह अब उसके प्लेटफॉर्म्स पर यूजर ‘रूस मुर्दाबाद’ जैसे शब्द यूज नहीं कर पाएंगे। बता दें कि मेटा इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप और फेसबुक का स्वामित्व रखती है। इंटरफैक्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, सोशल मीडिया कंपनी को ‘चरमपंथी संगठन’ घोषित करने का ऐलान रूसी संघ के अभियोजक जनरल के कार्यालय ने किया है।

कई दिनों तक फेसबुक (Facebook) की रीच को घटाने, चेतावनी देने के बाद बीते 4 मार्च को रूस ने देश में फेसबुक पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया था। रूस सरकार की सेंसरशिप एजेंसी रोसकोम्नाडजोर (Roskomnadzor) ने फेसबुक पर रूसी मीडिया के साथ भेदभावपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया। द कीव इंडिपेंडेंट की रिपोर्ट के अनुसार रूस सरकार की सेंसरशिप एजेंसी ने फेसबुक पर बैन का ऐलान किया था।

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समाचार एजेंसी इंटरफैक्स के मुताबिक शुक्रवार को रूसी अभियोजक जनरल के कार्यालय ने रूसी प्रचार और उग्रवाद कानूनों का हवाला देते हुए मेटा के खिलाफ आपराधिक जांच शुरू करने की अनुमति दी. न्यूज एजेंसी ने कहा कि अभियोजक जनरल के कार्यालय ने राज्य के मीडिया वॉचडॉग रोसकोम्नाडज़ोर को “सैन्यकर्मियों सहित रूसियों के खिलाफ हिंसक कार्रवाई करने की आह्वान वाली सामग्री वितरित करने” पर इंस्टाग्राम तक पहुंच को प्रतिबंधित करने के लिए कहा।

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