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12 से 17 साल के बच्चों के लिए कोवोवैक्स वैक्सीन; सीरम इंस्टीट्यूट की कोवोवैक्स को मिला अप्रूवल

नई दिल्ली :

देश में कोरोना टीकाकरण लगातार नया मुकाम हासिल कर रहा है। इस बीच बच्चों के वैक्सीनेशन को लेकर एक अहम फैसला लिया गया है। DCGI की विषय विशेषज्ञ समिति ने 12 से 17 आयु वर्ग के टीकाकरण को मंजूरी दे दी है। इसके लिए सिरम इंस्टीटमयूट आफ इंडिया की कोवोवैक्स वैक्सीन के आपात इस्तेमाल को अनुमति दी गई है।

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भारत के दवा नियामक ने 12 से 17 साल आयुवर्ग के किशोरों के लिए कोरोना रोधी वैक्सीन कोवोवैक्स के आपातकालीन उपयोग को मंजूरी दी है। इस वैक्सीन का उत्पादन पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट आफ इंडिया कर रही है, जिसकी कोविशील्ड टीकाकरण अभियान में वयस्कों को लगाई जा रही है। पिछले हफ्ते ही केंद्रीय दवा मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) की विषय विशेषज्ञ समिति (एसईसी) ने 12-17 आयुवर्ग के लिए कोवोवैक्स को मंजूरी देने की सिफारिश की थी।

सूत्रों ने कहा कि केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) की कोविड-19 पर विषय विशेषज्ञ समिति ने शुक्रवार को एसआईआई के आवेदन पर विचार-विमर्श किया और कोवोवैक्स को ईयूए देने की सिफारिश की। डीसीजीआई को मंजूरी के लिए सिफारिश भेजी जाएगी. समझा जाता है कि ईयूए के आवेदन में सिंह ने कहा है कि 12 से 17 साल के करीब 2,700 बच्चों पर किये गये दो अध्ययन के आंकड़े दिखाते हैं कि कोवोवैक्स बहुत प्रभावी, प्रतिरक्षा जनक और सुरक्षित है।

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डीसीजीआई ने 21 फरवरी को कुछ शर्तों के अधीन 12 से 18 वर्ष से कम आयु वर्ग के लिए बायोलॉजिकल-ई के कोविड-19 रोधी टीके ‘कॉर्बेवैक्स’ के आपातकालीन इस्तेमाल को मंजूरी दी थी। कोवावैक्स को नोवावैक्स से प्रौद्योगिकी हस्तांतरण द्वारा निर्मित किया गया है। इस टीके को यूरोपीय मेडिसिन एजेंसी द्वारा बाजार में बिक्री को लेकर सशर्त मंजूरी दी गई है।

भारत में 15-18 साल के किशोरों का टीकाकरण करने के लिए भारत बायोटेक के टीके ‘कोवैक्सिन’ का उपयोग किया जा रहा है। डीजीसीआई ने सबसे पहले ‘जाइकोव-डी’ टीके को 12 साल से अधिक उम्र के बच्चों के लिए आपातकालीन इस्तेमाल की मंजूरी दी थी।

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