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Breaking News : गिरीश महाजन ने खारिज की याचिका; कोर्ट ने किये 10 लाख जब्त

मुंबई :

अदालत ने विधानसभा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष की चुनाव प्रक्रिया में बदलाव की राज्य सरकार की अधिसूचना को चुनौती देने वाली दो जनहित याचिकाओं पर आज सुनवाई की. महाराष्ट्र में मुंबई उच्च न्यायालय ने भाजपा विधायक गिरीश महाजन की एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान 10 लाख रुपये जमा कराने के निर्देश दिए थे। महाजन ने यह याचिका विधानसभा अध्यक्ष की चुनाव प्रक्रिया में सरकार द्वारा किए गए बदलाव को चुनौती देते हुए दायर की थी।

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महाजन और जनक व्यास की जनहित याचिका को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। हाईकोर्ट ने महाजन द्वारा भुगतान किए गए 10 लाख रुपये और व्यास द्वारा भुगतान किए गए 2 लाख रुपये भी जब्त कर लिए।

ऐसा है पुरा मामला :-

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दिसंबर, 2021 में जारी राज्य सरकार की अधिसूचना के अनुसार, राज्य ने गुप्त मतदान प्रक्रिया को वायस वोट बदल दिया है। इस अधिसूचना में उपाध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया को खत्म कर दिया है। इसके अलावा चुनाव की तारीख को अधिसूचित करने की राज्यपाल की शक्तियों को भी प्रतिबंधित कर दिया गया है। अब इन शक्तियों का अधिकार मुख्यमंत्री को दे दिया गया है।

महाजन ने अपनी जनहित याचिका में इन संशोधनों को मनमाना और भारत के संविधान का घोर उल्लंघन करार देते हुए राज्य की अधिसूचना को रद करने का आग्रह उच्च न्यायालय से किया है। जबकि राज्य सरकार के अधिवक्ता आशुतोष कुंभकोणी ने तर्क दिया कि विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव प्रत्यक्ष चुनाव नहीं है। यह एक परोक्ष चुनाव है। इसलिए आम आदमी का इससे कोई लेना-देना नहीं है। इसलिए नागरिक इन नियमों को चुनौती नहीं दे सकते।

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