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रशिया-युक्रेन युद्ध में भारत के रवैय्ये पर नाराज हुआ अमेरिका, भारत पर पड़ बड़ा खतरा; जानिए विस्तार से

नई दिल्ली: रूस-यूक्रेन युद्ध का आज आठवां दिन है । भारत सरकार द्वारा ऑपरेशन गंगा शुरू किया गया है , जिसके तहत कई भारतीयों को यूक्रेन और पड़ोसी देशों की सीमाओं से एयरलिफ्ट करके वापस लाया जा रहा है। रूस-यूक्रेन युद्ध पर अपना स्टैंड रखने के लिए भारत पर वैश्विक दबाव बढ़ रहा है।

भारत को खतरा 

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अमेरिका इस बात से नाराज़ है कि भारत ने संयुक्त राष्ट्र में रूस के खिलाफ मतदान नहीं किया । अमेरिकी सांसदों ने नाराजगी जताई है। ऐसे में भारत पर CAATSA अधिनियम के तहत प्रतिबंधों का खतरा बढ़ गया है।

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन का प्रशासन वर्तमान में रूस से एस -400 मिसाइल रक्षा प्रणाली खरीदने के लिए काउंटरिंग अमेरिकाज एडवर्सरीज थ्रू सेक्शन एक्ट (सीएएटीएसए) के तहत भारत पर प्रतिबंध लगाने पर विचार कर रहा है। अमेरिका में रिपब्लिकन और डेमोक्रेट दोनों ने “भारत के साथ अमेरिकी संबंधों” पर सुनवाई के दौरान भारत की आलोचना की है।

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भारत उन 35 देशों में शामिल था, जिन्होंने रूस के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र (यूएन) के मतदान के दौरान मतदान से परहेज किया था।

भारत ने दिसंबर, 2021 में रूस के साथ S-400 सौदे को अंतिम रूप दिया और यह सौदा अभी भी जारी है।संयुक्त राष्ट्र में रूस के खिलाफ वोट नहीं करने से भारत को अब अमेरिकी प्रकोप झेलना पड़ रहा है।

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सीएएटीएसए अधिनियम क्या है?

काउंटरिंग अमेरिकाज एडवर्सरीज थ्रू सेक्शन एक्ट (सीएएटीएसए) संयुक्त राज्य में एक संघीय कानून है।इसके तहत अमेरिका ने ईरान, उत्तर कोरिया और रूस पर प्रतिबंध लगाए हैं। अब इसमें भारत का भी शामिल होने की कड़ी संभावना है।

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