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अगर रूस-यूक्रेन युद्ध हुआ, तो भारतियों को झेलने होंगे ‘इतने’ संकट; जानकर चौंक जाओगे

नई दिल्ली: यूक्रेन पर युद्ध के बादल मंडरा रहे हैं। हाल ही में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के बीच संकट के समाधान के लिए करीब 50 मिनट की बातचीत विफल होती दिख रही है। ऐसा लग रहा है कि रूस जल्द ही यूक्रेन पर हमला करेगा। माना जा रहा हैं कि रूस इस हफ्ते या विंटर ओलंपिक के बाद हमला कर सकता है। अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स के मुताबिक रूस ने यूक्रेन से लगी सीमा पर करीब 13 लाख सैनिकों को तैनात किया है.

अगर युद्ध छिड़ जाता है, तो इसका सीधा असर भारत पर भी पड़ेगा।  इसका सबसे ज्यादा सीधा असर वहां रहने वाले भारतीयों पर पड़ेगा। जिसमें करीब 18 हजार छात्र हैं। इससे भारत और यूक्रेन के बीच 2.5 अरब डॉलर से अधिक के व्यापार पर असर पड़ेगा।

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हजारों भारतीय छात्रों का भविष्य खतरे में 

भारतीय दूतावास को मिली जानकारी के मुताबिक यूक्रेन में करीब 18,000 भारतीय छात्र हैं। जो वहां मेडिकल, इंजीनियरिंग और दूसरे फील्ड में पढ़ते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक सबसे ज्यादा छात्र आंध्र प्रदेश और तेलंगाना से हैं। ऐसे में अगर युद्ध छिड़ा तो भारतीय छात्रों के लिए संकट और बढ़ सकता है।

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व्यापार पर प्रभाव

भारत से यूक्रेन को मुख्य निर्यात फार्मास्युटिकल उत्पाद, रिएक्टर, बॉयलर मशीनरी, तिलहन, फल, कॉफी, चाय, मसाले, लोहा और इस्पात हैं। जबकि भारत मुख्य रूप से यूक्रेन से सूरजमुखी तेल, रसायन, प्लास्टिक आदि का आयात करता है। अगर यूक्रेन में युद्धस्थिति रहती है तो इसका असर सीधे तौर पर भारत पर भी पड़ सकता है।

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भारत जर्मनी और फ्रांस के बाद मूल्य के मामले में यूक्रेन को फार्मास्युटिकल उत्पादों का तीसरा सबसे बड़ा निर्यातक है। रैनबैक्सी, डॉ. रेड्डीज लेबोरेटरीज, सन ग्रुप आदि जैसी कई भारतीय कंपनियों के कार्यालय यूक्रेन में हैं। ऐसे में साफ है कि अगर युद्ध छिड़ा तो इसका सीधा असर भारतीय व्यापार पर भी पड़ेगा।

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