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हाईकोर्ट की ट्विटर को सीधी चेतावनी: भारत में रहना है तो यहाँ के कानून का पालन करो, वरना…

अमरावती: माइक्रो ब्लॉग्गिंग साइट ट्विटर हमेशा सुरकिहयों में रहता है। हर बार कोई न कोई निगेटिव कारणों से ट्विटर कानून के निशाने पर आता है। पिछले साल ट्विटर ने नए IT नियमों के पालन पर भारत सरकार से सीधी भिड़त ली थी। अब ट्विटर सीधे भारत की कानून व्यवस्था से भीड़ रहा है। इस वजह से भारतीय कानून व्यवस्था के मंदिर माने जाने वाले कोर्ट्स अब सख्त भूमिका ले रहे है।

आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट सख्त 

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आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय ने सोशल मीडिया दिग्गज ट्विटर को भारतीय कानून का पालन करने या देश छोड़ने की कड़ी चेतावनी जारी की है। हाईकोर्ट ने ट्विटर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से न्यायपालिका के खिलाफ अपमानजनक संदेश वापस लेने के आदेश का पालन नहीं करने की चेतावनी दी है। मामले की अगली सुनवाई सात फरवरी को होगी।

मुख्य न्यायाधीश प्रशांत कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति एम. सत्यनारायण मूर्ति की अध्यक्षता वाली पीठ ने सोमवार को स्पष्ट किया कि अगली सुनवाई से पहले ‘आदेश का पालन क्यों नहीं करना चाहिए?’ यह ट्विटर को स्पष्ट करना होगा। ट्विटर भारतीय कानून के साथ लुका-छिपी नहीं खेल सकता है, और अगर कोई भारत में काम करना चाहता है तो देश के कानून का पालन किया जाना चाहिए।

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‘ट्विटर पर हो सकती है आपराधिक कार्रवाई’
पीठ ने कहा कि यह स्पष्ट रूप से अवमानना ​​का मामला है और ट्विटर के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की जा सकती है। पीठ ने गूगल के खिलाफ हाल के फैसले का हवाला दिया। ऐसे ही एक मामले में गूगल के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। अदालत ने पाया कि इस तरह के सोशल मीडिया पोस्ट अभी भी ट्विटर पर दिखाई दे रहे थे, अदालत के निर्देश के बावजूद, पीठ को अपमानजनक पाठ का हवाला देते हुए पाठ को वापस लेने का निर्देश दिया।

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