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महाराष्ट्र: भड़काऊ भाषण मामले में आरोपी कालीचरण महाराज न्यायिक हिरासत में

महाराष्ट्र: न्यायिक हिरासत में कालीचरण महाराज, भड़काऊ भाषण मामले में पुणे कोर्ट में जमानत अर्जी दाखिल

पुणे: महात्मा गांधी पर अभद्र टिप्पणी करने वाले संत कालीचरण महाराज को पुणे की एक अदालत ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। कालीचरण महाराज ने पुणे की एक अदालत में जमानत के लिए आवेदन किया था। लेकिन उन्हें जमानत नहीं मिली बल्कि एक दिन की पुलिस हिरासत के बाद आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। 

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महाराष्ट्र में कथित तौर पर भड़काऊ भाषण देने के लिए कालीचरण और छह अन्य के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई थी। मामले में उन्हें हिरासत में ले लिया गया था। अधिकारियों ने कहा कि रायपुर, छत्तीसगढ़ की एक अदालत द्वारा दी गई ‘ट्रांजिट रिमांड’ के बाद कालीचरण को पुणे लाया गया था। यहां उसे न्यायिक दंडाधिकारी एमए शेख की अदालत में पेश किया गया।

अदालत ने आरोपी को आज न्यायिक हिरासत में भेज दिया  है। थाने के एक अधिकारी ने बताया कि छत्तीसगढ़ पुलिस ने कालीचरण को हिरासत में लेकर पुणे लाया था। 

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न्यायिक हिरासत

उन्होंने कहा कि पुणे पुलिस ने कालीचरण, मिलिंद एकबोटे, कैप्टन दिगेंद्र कुमार (सेवानिवृत्त) और अन्य के खिलाफ धार्मिक भावनाओं का अपमान करने का मामला दर्ज किया है। उन पर एक कार्यक्रम में भड़काऊ भाषण देने का आरोप है। 

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आपको बता दें कि 19 दिसंबर 2021 को मुगल सेनापति अफजल खान द्वारा छत्रपति शिवाजी महाराज की हत्या के उपलक्ष्य में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। एकबोटे के नेतृत्व में हिंदू अघाड़ी संगठन द्वारा ‘शिव प्रताप दीन’ कार्यक्रम आयोजित किया गया था। 

कालीचरण पर अभद्र टिप्पणी करने पर केस दर्ज

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कालीचरण और अन्य के खिलाफ पुलिस स्टेशन में आईपीसी की धारा 295 (ए) के तहत किसी भी वर्ग की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के इरादे से, 298 (किसी भी व्यक्ति की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का जानबूझकर इरादा) और 505 (2) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

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