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तमिलनाडु हेलीकॉप्टर दुर्घटना में एकमेव जीवित बचे ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह की इलाज के दौरान दुःखद मौत!

बेंगलुरु : 8 दिसंबर को तमिलनाडु में हेलीकॉप्टर दुर्घटना (तमिलनाडु चॉपर क्रैश) में ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह एकमात्र जीवित व्यक्ती बचे थे। उनका बेंगलुरु के कमांड अस्पताल में इलाज चल रहा था, जहां आज उन्होंने अपनी अंतिम सांस ली हैं। सीडीएस जनरल बिपिन रावत और 13 अन्य साथी,अब तक इस दर्दनाक हादसे में अपनी जान गंवा चुके हैं।

भारतीय वायु सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को कहा था, “भारतीय वायुसेना के अधिकारी ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह की हालत बेहद गंभीर है, लेकिन उनकी हालत अभी स्थिर है।” हालांकि उनकी अब मृत्यु हो चुकी है। बेंगलुरु के कमांड अस्पताल में उन्हें लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखा गया था।

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प्रधानमंत्री मोदी ने भी शोक जताया

देश के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदीजी ने दुख व्यक्त करते हुए लिखा की, ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह ने गर्व, बहादुरी,साहस, और अत्यधिक व्यावसायिकता के साथ देश की दिल से सेवा की। उनके निधन से मुझे बहुत दुख हुआ है। देश के प्रति उनकी अपार सेवा को कभी भी भुलाया नहीं जा सकेगा। उनके परिवार तथा मित्रों के लिए संवेदनाएं प्रकट करता हूँ।

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इससे पहले तेजस को दुर्घटनग्रस्त होने से बचाया था 

उल्लेखनीय बात यह है की, ग्रुप कैप्टन वरुण नौसेना में सबसे बेहद अनुभवी पायलट थे। उनके बेहतरीन प्रदर्शन के लिए उन्हें वीरता चक्र से सम्मानित गया था।बता दें की, यह सबसे बड़ा पदक माना जाता है। एलसीए तेजस उड़ान के दौरान आपात स्थिति में सावधानीपूर्वक और सुरक्षित बचाव के लिए उन्हें पदक से भी सम्मानित किया गया था।

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बिना विलंब किए स्थिति को संभाला

ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह 12 अक्टूबर 2020,को तेजस की फ्लाइट में थे। वह अकेले विमान उड़ा रहे थे। इसके बाद विमान में अचानक तकनीकी खराबी आ गई थी। कॉकपिट प्रेशर सिस्टम के ठीक से काम न करने से, स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही थी। उन्होंने बिना देर किए न सिर्फ परिस्तिथी को संभाला बल्कि एकदम सही फैसला भी लिया था। वरुण सिंह के बलिदान को देश की जनता हमेशा अपने दिलो मे याद रखेगी।

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