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“विधानसभा चुनाव नहीं होते तो मोदी सरकार कृषि कानून वापस नहीं लेती: शरद पावर

मुंबई: कुछ दिनों पहले प्रधानमंत्री मोदी ने देश के नाम अपने  देश के नाम संबोधन में पिछले साल लागू किए गए तीन विवादस्पद कृषि कानूनों की रद्द करने की घोषण की थी। इसके बाद विपक्ष ने इसपर कई प्रतिक्रियाए दी।

इसी बिच खबर आ रही है कि, एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने तीन कृषि कानूनों को वापस लेने के लिए पीएम मोदी की खिंचाई की है। उन्होंने कहा कि अगर अगले विधानसभा चुनाव कई राज्यों में नहीं होते तो मोदी सरकार कभी भी कानून को निरस्त करने का फैसला नहीं लेती।

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पवार ने बुधवार को सतारा में कहा, “अगर केंद्र ने राज्यों को विश्वास में लिया होता और संसद में तीन कृषि कानूनों पर चर्चा की होती, तो आज स्थिति अलग होती।” उन्होंने आगे कहा आगामी विधानसभा चुनाव नहीं होते मोदी सरकर ये कानून वापिस नहीं लेती।

महा विकास अघाड़ी फिर बनाएगी सरकार

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महाराष्ट्र भाजपा लगातार MVA सरकार पर आरोप लगाती है। उनके मुताबिक यस सर्कार जल्द ही गिर सकती है।  इस बात पर शरद पवार ने बीजेपी को करारा जवाब दिया।  उन्होंने कहा, ” मुझे पूरा विश्वास है कि , महा विकास आघाडी सरकार अपना ५ साल का कार्यकाल पूरा करेगी। अगर तीनो पार्टिया फिरसे एक साथ चुनाव लढती है, तो अगली बार भी महा विकास आघाडी ही सरकार बनाएगी।”

महा विकास अघाड़ी में एनसीपी की सहयोगी शिवसेना भी लगातार मोदी सरकार की कृषि कानूनों को वापस लेने के फैसले की आलोचना कर रही है। 

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सामना में लिखा गया, संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं ने बताया है कि, संसद में एक प्रस्ताव पेश करके कानून को निरस्त किए जाने तक आंदोलन जारी रहेगा। इसका मतलब है कि किसान देश के प्रधानमंत्री की एक सुनने को तैयार नहीं हैं। किसानों को प्रधानमंत्री पर भरोसा नहीं है।

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