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मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी

मुंबई: पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह को एक अदालत ने गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। महाराष्ट्र की एक अदालत में इस मामले की सुनवाई गुरुवार को हुई। महाराष्ट्र में परमबीर सिंह के खिलाफ कुल पांच प्राथमिकी दर्ज हैं।

पुलिस ने बताया है कि परमबीर सिंह को एक से अधिक बार पूछताछ के लिए बुलाया गया था। पूर्व पुलिस अधिकारी के नाम पहले ही लुकआउट नोटिस जारी किया जा चुका है। 9 सितंबर को पुलिस मालाबार हिल्स स्थित परमबीर सिंह के घर गई, लेकिन उस समय परमबीर सिंह मौजूद नहीं होने के कारण पुलिस को हाजिरी का नोटिस देकर वापस लौटना पड़ा।

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सूत्रों के मुताबिक परमबीर सिंह फर्जी पासपोर्ट के साथ रूस भाग गया है। हाल ही में महाराष्ट्र के नए गृह मंत्री दिलीप वलसे पाटिल ने भी परमबीर सिंह के लापता होने की बात कही थी। उन्होंने कहा, ‘केंद्रीय गृह मंत्रालय के अलावा हम भी उनकी तलाश कर रहे हैं। मैंने यह भी सुना है कि वह देश छोड़कर भाग गए है, लेकिन एक सरकारी अधिकारी के रूप में वह सरकार की अनुमति के बिना विदेश नहीं जा सकते। फिलहाल हमने लुकआउट नोटिस जारी किया है। अगर वह भाग जाते है तो जांच के लिहाज से अच्छा नहीं होगा।”

घटना की शुरुआत इसी साल 25 फरवरी को हुई थी। उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर के सामने खड़ी एक कार से पच्चीस ज़िलोटन छड़ें बरामद की गईं। जांच शुरू होने के कुछ देर बाद तत्कालीन गृह मंत्री अनिल देशमुख ने परमबीर सिंह को पुलिस आयुक्त के पद से हटाने का आदेश दिया था। उसके बाद परमबीर सिंह ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को लेटर बम भेजा था।

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छह पन्नों के पत्र में उन्होंने आरोप लगाया था कि गृह मंत्री अनिल देशमुख ने हर महीने 100 करोड़ रुपये इकट्ठा करने का लक्ष्य रखा था। अंबानी मामले में शामिल पुलिस अधिकारी सचिन वाझे इस घोटाले को संभालते थे।

सरकार और पूर्व पुलिस अधिकारी के बीच विवाद हाई कोर्ट-सुप्रीम कोर्ट तक है। अंत में, सीबीआई और ईडी ने अनिल देशमुख के खिलाफ मामले की जांच का जिम्मा संभाला। उसके बाद अनिल देशमुख ने गृह मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। इस बीच 23 जुलाई को तीन व्यापारियों ने परमबीर सिंह के खिलाफ ठाणे के एक थाने में शिकायत भी दर्ज कराई थी।

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