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भाजप नेता ने किया पेट्रोल-डीजल की बढाती किंमतो का बचाव, कहा 95 फीसदी लोगों को पेट्रोल की जरुरत ही नहीं

नई दिल्ली : कोरोना महामारी के दौरान करोडो लोग बेरोजगार हो चुके है। बढती महंगाई ने आम आदमी की पहले ही कमर तोड़ दी है।पेट्रोल और डीजल के लगातार बढ़ते दामों ने रोजमर्रा की सारी जरुरत की चीजों को महंगा बना दिया। ऐसे में कई भाजप नेता जले पर नमक डालने की कोशिश करते है। कोई भी उड़पटांग सा कारण देकर वे महंगाई का समर्थन करते है।

भाजप नेता उपेंद्र तिवारी का अनोखा बयान 

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भाजप नेता उत्तरप्रदेश के मंत्री उपेंद्र तिवारी ने पेट्रोल-डीजल के बढ़ाते दामों का बचाव करते हुए देश के ९५% लोगों को पेट्रोल की जरुरत ही नहीं है, यह बात कही।

विपक्ष की ओर से ईंधन की बढ़ती कीमतों पर आलोचना को खारिज करते हुए, उत्तर प्रदेश के मंत्री उपेंद्र तिवारी ने गुरुवार को कहा कि 95 प्रतिशत लोगों के लिए पेट्रोल का कोई उपयोग नहीं है। तिवारी ने यह भी तर्क दिया कि ईंधन की कीमतें वास्तव में वास्तविक रूप से नहीं बढ़ी है। साल 2014 और २०२१ साल की प्रति व्यक्ति आय की तुलना करते हुए उन्होंने कहा लोगों की आय भी तो बढ़ी है।

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आज गिने-चुने लोग हैं जो चौपहिया वाहनों में सफर करते हैं और पेट्रोल का इस्तेमाल करते हैं। तिवारी ने जालौन में संवाददाताओं से बात करते हुए कहा कि फिलहाल 95 फीसदी लोगों को पेट्रोल की कोई जरूरत नहीं है।

क्या सचमे ९५% लोगों को ईंधन की जरुरत नहीं ?

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नेता का यह बयान जमीनी हकीकत से परे है। हालांकि, उच्च ईंधन लागत, लगभग हर नागरिक को प्रभावित करती है। उदाहरण के लिए, वे सभी वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि लाती है।जिसमें खाद्यान्न, फल ​​और सब्जियां शामिल हैं , जिन्हें देश के एक हिस्से से दूसरे हिस्से गाड़ियों में ले जाया जाता है।

विपक्ष पास कोई सरकार को घेरने के लिए कोई मुद्दा नहीं है… 

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भाजपा मंत्री की यह टिप्पणी तब आई है जब देश के अधिकांश हिस्सों में पेट्रोल की कीमतें 100 रुपये प्रति लीटर को पार कर गई हैं, और डीजल भी १०० के करीब पहुंच गया है। उन्होंने दावा किया कि विपक्ष के पास सरकार पर हमला करने के लिए कोई वास्तविक मुद्दा नहीं है।

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